हो गया जैसे

दिया कोई जलाये एक ज़माना हो गया जैसे;
उजाले घरमें आये एक ज़माना हो गया जैसे।

कोई त्योहार मनाये एक ज़माना हो गया जैसे;
खुशीमें नाचे गाये एक ज़माना हो गया जैसे।

घने बादलको छाये एक ज़माना हो गया जैसे;
कदमको लडखडाये एक ज़माना हो गया जैसै।

न पाई बुंद मीठे पानीकी भी रूप बदलने पर ;
ये दिल दरिया बनाये एक ज़माना हो गया जैसे।

न आना हो न आओ पर मिलेंगे ये तो कहलाओ,
हसीं सपने सजाये एक ज़माना हो गया जैसे।

पुराने ज़ख्मको ताज़ा करो या गम नये कुछ दो;
हमेंभी मुस्कुराये एक ज़माना हो गया जैसे।

कहो ,”नाशाद” मौका अच्छा है कहनेका- सुननेका;
तूम्हे गझले सुनाये एक ज़माना हो गया जैसे।

– गुलाम अब्बास ‘नाशाद’

9 thoughts on “हो गया जैसे

  1. nice hindi gazal
    कहो ,”नाशाद” मौका अच्छा है कहनेका- सुननेका;
    तूम्हे गझले सुनाये एक ज़माना हो गया जैसे।

  2. पुराने ज़ख्मको ताज़ा करो या गम नये कुछ दो;
    हमेंभी मुस्कुराये एक ज़माना हो गया जैसे।…. बहोत अच्छे ॥ नाशादजी !!

    बढ़िया गजल

  3. कहो ,”नाशाद” मौका अच्छा है कहनेका- सुननेका;
    तूम्हे गझले सुनाये एक ज़माना हो गया जैसे।
    સાચે જ એ ઓસ્ટ્રેલીયા ગયા એની વ્યથા છે આ !!!

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